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| EID-2023 |
इतनी भीड मस्जिदों तक आई वापस गई। कभी सुना कि कहीं कोई गिलास भी टूटा हो। साथ आने और जाने में मांगने वालों को हर एक कुछ न कुछ देता जाता है। कभी जाकर देखो जुम्मे और ईद कि नमाज़ों में देने से पहले नाम भी नहीं मालूम करते।
देशभर का पच्चीस करोड़ मुसलमान ईद मना रहा है। जगह-जगह ईद की नमाज़ पढ़ी गयी है। कहीं कोई एक जगह भी मंदिर को तिरपाल से ढकना नही पड़ा, न ही कहीं किसी मंदिर के आगे मुसलमानों ने नारेबाजी की न डीजे बजाया। ईद खुशी का दिन है और खुशियां मनाई जाती है किसी की इबादतगाह पर हमला करके खुशी नही मिलती। पूरी दुनिया में हमसे बड़ा अमनपसंद कोई नही है।
पूरे प्रदेश में कहीं भी पुलिस के लिएं लाँ एंड ऑर्डर खराब होने का मसला पैदा नहीं हुआ,
ना कोई शोर, ना कोई डीजे, ना कोई अश्लील गाना, ना किसी दूसरे धर्म को गाली, न किसी को अपमानित करना पूरे भारत में ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गयी।
ना किसी दूसरे धर्म की इबादतगाहों को ढकने की ज़रूरत पड़ी ना किसी के इबादतगाहों पर कोई झंडा फहरा कर शौर्य की पताका फहराई गयी।
उत्तर प्रदेश के स्पेशल डीजी (कानून-व्यवस्था) के अनुसार पूरे प्रदेश में कुल 29,439 मस्जिदों के अलावा 3,865 ईदगाहों में ईद की नमाज संपन्न हुई।
शहरो में तो मस्जिद करीब होती हैं, गांवों में लोग ईदगाह तक जाते हैं और 2 से 5 किमी तक का रास्ता तय करना पढ़ता है "अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर, लाइलाहा इल्ललाह, अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर, वलिल्लाहिलहम्द" की तकबीर पढ़ते हुए जाते हैं।
रास्ते में तमाम दूसरे धर्म के लोगो के धार्मिक स्थल आए, किसी पर भी एक पत्थर उछालने या वहां खड़े होकर नारेबाज़ी करने की कोई खबर नहीं आई, जबकि ईद की नमाज़ में एक हज़ार लोगो से लेकर लाखो हज़ारों लोग एक साथ होते हैं,

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